Bander Mama Poem | बंदर मामा कहां चले | बाल गीत | किड्स पोएम्स

बंदर मामा कहां चले

Bander Mama Kahan chale ? Kids poem बंदर मामा कहां चले? हिंदी बाल गीत जो की नन्हे बच्चों को पसंद है । यहां आपको किड्स कहानी व कविताओं का संग्रह दिया गया है ।

बाल कविता । हिंदी कविताएं । किड्स पोएम । नर्सरी राइम्स । Nursery rhymes । LKG UKG kids Poem । कहानी । Bander Mama ।

Kids Song । बाल गीत

बंदर मामा कहां चले,
पूंछ हिलाकर कहां चले ?
मेरे घर भी आओ ना ,
हलुवा पूरी खाओ ना ।

बंदर बैठा कुर्सी पर ,
कुर्सी बोली चटर – पटर ।
चटर – पटर भई ! चटर – पटर ।

बंदर मामा कहां चले,
पूंछ हिलाकर कहां चले ?
मेरे घर भी आओ ना ,
हलुवा पूरी खाओ ना ।

बंदर बैठा खाने पर ,
पूरी खा गया गपर – गपर ।
गपर – गपर भई ! गपर – गपर।

बंदर मामा कहां चले,
पूंछ हिलाकर कहां चले ?
मेरे घर भी आओ ना ,
हलुवा पूरी खाओ ना ।

बंदर भागा पानी पर ,
पानी पी गया गटर – पटर ।
गटर – पटर भई ! गटर – पटर ।

बंदर मामा कहां चले,
पूंछ हिलाकर कहां चले ?
मेरे घर भी आओ ना ,
हलुवा पूरी खाओ ना ।

धन्यवाद

Bander Mama

1 thought on “Bander Mama Poem | बंदर मामा कहां चले | बाल गीत | किड्स पोएम्स”

Leave a Comment